Himachal Lease Rental Subsidy for IT, ITeS, ESDM and Data Centres
Department of Industries, Government of Himachal Pradesh (Startup Himachal) द्वारा
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त्वरित उत्तर
हिमाचल प्रदेश में IT, ITeS और ESDM उद्यमों तथा ग्रीन डेटा सेंटर के लिए 5 वर्ष तक लीज़ रेंटल सब्सिडी, पहले वर्ष में ₹20 लाख तक।
- फंडिंग राशि
- अलग-अलग
- फंडिंग प्रकार
- सब्सिडी
- आवेदन की अंतिम तिथि
- निरंतर
- स्थान
- Himachal Pradesh
इस सब्सिडी के बारे में
हिमाचल प्रदेश में IT, ITeS और ESDM उद्यम तथा ग्रीन डेटा सेंटर, Himachal Pradesh IT, ITeS, and ESDM Policy 2019 के तहत 5 वर्ष तक लीज़ रेंटल सब्सिडी का दावा कर सकते हैं।
IT और ITeS उद्यमों को पहले वर्ष में लीज़ रेंटल का 75% (₹15 लाख तक), दूसरे वर्ष में 50% (₹10 लाख तक), और तीसरे से पांचवें वर्ष तक हर साल 25% (₹5 लाख तक) मिलता है। ESDM उद्यमों और ग्रीन डेटा सेंटर को पहले वर्ष में 85% (₹20 लाख तक), दूसरे वर्ष में 60% (₹15 लाख तक), और उसके बाद के 3 वर्षों तक हर साल 35% (₹10 लाख तक) मिलता है।
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सब्सिडी प्रदाता
Provider
Department of Industries, Government of Himachal Pradesh (Startup Himachal)Shimla · Himachal Pradesh · India
Startup Himachal is the startup section of the Department of Industries, Government of Himachal Pradesh, based in Shimla. It publishes the state's startup policy and the incentives open to startups, new industries, innovation projects and incubators in Himachal Pradesh. What the…
Learn moreलाभ और फंडिंग
आपको क्या मिलेगा
The Lease Rental Subsidy provides significant financial relief to eligible enterprises in Himachal Pradesh. IT and ITeS Enterprises can claim a subsidy of 75% of their lease rental (up to ₹15 lakh) for the first year. This support reduces to 50% of the rental (up to ₹10 lakh) in the second year, and then to 25% of the rental (up to ₹5 lakh) annually for the third, fourth, and fifth years. For ESDM Enterprises and Green Data Centres, the support is even more robust: 85% of their lease rental (up to ₹20 lakh) for the first year, 60% of the rental (up to ₹15 lakh) in the second year, and 35% of the rental (up to ₹10 lakh) annually for the subsequent three years. This tiered structure ensures sustained support during crucial early and growth phases, making it easier for businesses to manage their infrastructure costs over an extended period. Beyond the direct financial cash benefit, this subsidy acts as a form of grants facilitation, guiding enterprises through the process of leveraging government incentives to optimize their financial outlays.
- वितरण
- Reimbursement
- अवधि
- 61 महीने
- बूटस्ट्रैप अनुकूल
- हाँ
समयसीमा और प्रक्रिया
आवेदन
रोलिंग आधार पर
चयन प्रक्रिया
आवेदनों की जांच IT, ITeS, ESDM Policy 2019 में बताई गई पात्रता शर्तों के लिए होती है। सबमिट किए गए दस्तावेजों के सत्यापन और योजना दिशानिर्देशों के पालन पर दावों का निपटारा होता है।
आवेदन प्रक्रिया
- 1
Review Guidelines
Familiarize yourself with the detailed eligibility and application procedures within the IT, ITeS, ESDM Policy 2019.
आप - 2
- 3
- 4
- 5
आवेदन कैसे करें
ड्राफ़्ट से वितरण तक चार चरण — हर चरण में एक कार्रवाई।
- 1
शुरू करने से पहले प्रश्न देखें
इस कार्यक्रम के आवेदन फ़ॉर्म में पूछे जाने वाले सभी प्रश्न डाउनलोड करें, ताकि पोर्टल खोलने से पहले आप अपने उत्तर ऑफ़लाइन तैयार कर सकें।
- 2
अपने दस्तावेज़ तैयार करें
चेकलिस्ट के हर दस्तावेज़ को एक ही फ़ोल्डर में तैयार रखें। दस्तावेज़ों की कमी आवेदन खारिज होने का सबसे बड़ा कारण है।
- 3
आधिकारिक पोर्टल पर जमा करें
आधिकारिक आवेदन लिंक का उपयोग करें और अंतिम रूप से जमा करने से पहले सभी विवरण सत्यापित करें।
- 4
फ़ॉलो अप करें
जमा करने के 5–7 दिन बाद प्राप्ति की पुष्टि और समीक्षा समयरेखा के बारे में पूछने के लिए संपर्क करें।
Program templates & documents
Files the program publishes for applicants — download these and apply in the prescribed format.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लीज़ रेंटल सब्सिडी क्या है?
लीज़ रेंटल सब्सिडी, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अपनी IT, ITeS, ESDM Policy 2019 के तहत दी जाने वाली वित्तीय प्रोत्साहन योजना है। इसका उद्देश्य राज्य में परिचालन करने वाले पात्र तकनीक-केंद्रित उद्यमों पर लीज़ रेंटल का बोझ कम करना है।
इस सब्सिडी के लिए किस प्रकार के उद्यम पात्र हैं?
यह सब्सिडी विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में स्थापित या विस्तारित हो रहे IT उद्यमों, IT-सक्षम सेवाएं (ITeS) उद्यमों, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ESDM) उद्यमों और ग्रीन डेटा सेंटर के लिए उपलब्ध है।
IT और ITeS उद्यमों के लिए क्या लाभ हैं?
IT और ITeS उद्यम अपने लीज़ रेंटल पर पहले वर्ष में 75% (₹15 लाख तक), दूसरे वर्ष में 50% (₹10 लाख तक), और तीसरे, चौथे व पांचवें वर्ष में हर साल 25% (₹5 लाख तक) की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
ESDM और ग्रीन डेटा सेंटर के लिए सब्सिडी ढांचा कैसे अलग है?
ESDM उद्यमों और ग्रीन डेटा सेंटर को अधिक सब्सिडी मिलती है: पहले वर्ष में 85% (₹20 लाख तक), दूसरे वर्ष में 60% (₹15 लाख तक), और उसके बाद के 3 वर्षों तक हर साल 35% (₹10 लाख तक)।
कोई पात्र उद्यम इस सब्सिडी का दावा कितने वर्षों तक कर सकता है?
लीज़ रेंटल सब्सिडी का दावा लीज़्ड परिसर में परिचालन शुरू होने की तारीख से अधिकतम 5 वर्ष तक किया जा सकता है।
क्या इस सब्सिडी के लिए आवेदन की कोई अंतिम तिथि है?
राज्य की चल रही नीति के हिस्से के रूप में, यह प्रोत्साहन आम तौर पर सतत आधार पर उपलब्ध है, जिससे उद्यम साल भर अपनी इकाई स्थापित या विस्तारित करते समय आवेदन कर सकते हैं। किसी विशिष्ट जमा अवधि या समय-सीमा के लिए आधिकारिक नीति दस्तावेज देखने की सलाह दी जाती है।
आवेदन के लिए आम तौर पर किस प्रकार के दस्तावेज आवश्यक हैं?
आवेदकों को आम तौर पर अपने उद्यम के पंजीकरण का प्रमाण, हिमाचल प्रदेश में परिचालन परिसर के लिए वैध लीज़ समझौता, और दावों की पुष्टि के लिए चुकाए गए लीज़ रेंट के रिकॉर्ड जमा करने होते हैं।
क्या मौजूदा उद्यम इस सब्सिडी का दावा कर सकते हैं?
हां, नीति नए निवेश और राज्य में मौजूदा इकाइयों के विस्तार, दोनों का समर्थन करने के लिए बनाई गई है, बशर्ते वे विशिष्ट पात्रता मानदंड पूरे करें।
स्रोत
इस पेज की जानकारी आधिकारिक प्रोग्राम और प्रदाता स्रोतों से ली गई है।










