इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना (SPECS)
Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) द्वारा
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त्वरित उत्तर
MeitY द्वारा संचालित एक केंद्र सरकार की योजना जो भारत में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के विनिर्माण में निवेश करने वाली संस्थाओं को 25% पूंजीगत व्यय की प्रतिपूर्ति प्रदान करती है।
- फंडिंग राशि
- ₹1.25 करोड़ – ₹250 करोड़
- फंडिंग प्रकार
- सब्सिडी
- आवेदन की अंतिम तिथि
- निरंतर
- स्थान
- भारत में पंजीकृत स्टार्टअप्स के लिए खुला
इस सब्सिडी के बारे में
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार द्वारा "इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना (SPECS)" शुरू की गई है। इसका प्राथमिक उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के घरेलू विनिर्माण की बाधाओं को दूर करना है, जिससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो सके। यह पहल राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2019 (NPE 2019) और सरकार के "मेक इन इंडिया" और "डिजिटल इंडिया" कार्यक्रमों के अनुरूप है। SPECS के माध्यम से, पात्र पूंजीगत व्यय का 25% का महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन प्रतिपूर्ति के आधार पर प्रदान किया जाता है। यह प्रोत्साहन भारत में पंजीकृत किसी भी कानूनी संस्था को लक्षित करता है जो पात्र इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सेमीकंडक्टर/डिस्प्ले फैब्रिकेशन यूनिट्स, Assembly, Testing, Marking and Packaging (ATMP) यूनिट्स, विशेषीकृत सब-असेंबली और इन वस्तुओं के विनिर्माण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश करती है। यह योजना नए विनिर्माण इकाइयों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार, आधुनिकीकरण या विविधीकरण दोनों का समर्थन करती है। MeitY, SPECS को एक नोडल एजेंसी के माध्यम से लागू करता है, जिसे Project Management Agency (PMA) के रूप में नामित किया गया है, जो वर्तमान में IFCI Ltd. है। PMA योजना के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें आवेदन प्राप्त करना, मूल्यांकन करना, पावती जारी करना, दावों का सत्यापन करना और प्रोत्साहनों के संवितरण को सुविधाजनक बनाना शामिल है। आवेदन का मूल्यांकन लगातार किया जाता है, और पात्र प्रस्तावों को अंतिम सिफारिश के लिए एक Executive Committee (EC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, जिसका गठन MeitY द्वारा किया जाता है और इसकी अध्यक्षता एक Joint Secretary-rank अधिकारी करते हैं।
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सब्सिडी प्रदाता
The Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) is the Government of India ministry for electronics and information technology. Its startup programmes are run through MeitY Startup Hub (MSH), the office founders deal with, which sits at Electronics Niketan, CGO…
Learn moreलाभ और फंडिंग
- राशि
- ₹1.25 करोड़ – ₹250 करोड़
आपको क्या मिलेगा
The SPECS scheme provides a significant financial incentive, reimbursing 25% of eligible capital expenditure to approved units engaged in manufacturing electronic components and semiconductors. This incentive is designed to offset the economic disability faced by domestic manufacturers, promoting a robust electronics manufacturing ecosystem. Eligible capital expenditure includes a wide range of investments such as plant, machinery, equipment, associated utilities (captive power, clean rooms, IT/ITES infrastructure), Research and Development (R&D) costs (including IPR and technology software), and Transfer of Technology (ToT) expenses. The scheme allows for substantial investments, with the incentive ranging from a minimum of ₹1.25 crore (for projects with ₹5 crore capital expenditure) up to ₹250 crore (for projects with ₹1,000 crore capital expenditure). This support is available for both new manufacturing units and the expansion or modernisation of existing facilities.
- वितरण
- Reimbursement
- बूटस्ट्रैप अनुकूल
- हाँ
समयसीमा और प्रक्रिया
आवेदन
रोलिंग आधार पर
चयन प्रक्रिया
आवेदन का मूल्यांकन Project Management Agency (PMA) द्वारा लगातार आधार पर किया जाता है। पात्र आवेदनों को फिर एक Executive Committee (EC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, जिसका गठन MeitY द्वारा किया जाता है और इसकी अध्यक्षता एक Joint Secretary-rank अधिकारी करते हैं। EC प्रस्तावों की समीक्षा करता है और अनुमोदन, अस्वीकृति या संशोधन की सिफारिश करता है। दावों के लिए, PMA दस्तावेज़ों और साइट विज़िट के माध्यम से पात्र पूंजीगत व्यय का सत्यापन करता है, व्यय मदों में से कम से कम 30% का भौतिक सत्यापन करता है, जिसके बाद Sanction Letter जारी किया जाता है और प्रोत्साहन का संवितरण किया जाता है।
आवेदन प्रक्रिया
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Apply Online
Register on the SPECS portal, fill out the application form, pay the fee, and submit with all required documents.
आप - 2
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आवेदन कैसे करें
ड्राफ़्ट से वितरण तक चार चरण — हर चरण में एक कार्रवाई।
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शुरू करने से पहले प्रश्न देखें
इस कार्यक्रम के आवेदन फ़ॉर्म में पूछे जाने वाले सभी प्रश्न डाउनलोड करें, ताकि पोर्टल खोलने से पहले आप अपने उत्तर ऑफ़लाइन तैयार कर सकें।
- 2
अपने दस्तावेज़ तैयार करें
चेकलिस्ट के हर दस्तावेज़ को एक ही फ़ोल्डर में तैयार रखें। दस्तावेज़ों की कमी आवेदन खारिज होने का सबसे बड़ा कारण है।
- 3
आधिकारिक पोर्टल पर जमा करें
आधिकारिक आवेदन लिंक का उपयोग करें और अंतिम रूप से जमा करने से पहले सभी विवरण सत्यापित करें।
- 4
फ़ॉलो अप करें
जमा करने के 5–7 दिन बाद प्राप्ति की पुष्टि और समीक्षा समयरेखा के बारे में पूछने के लिए संपर्क करें।
Program templates & documents
Files the program publishes for applicants — download these and apply in the prescribed format.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SPECS योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य निर्माताओं द्वारा सामना की जाने वाली बाधाओं को दूर करके इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है, जिससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा सके।
SPECS किस प्रकार का वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है?
यह योजना प्रतिपूर्ति के आधार पर पात्र पूंजीगत व्यय का 25% वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है।
SPECS योजना के लिए आवेदन करने के लिए कौन पात्र है?
भारत में पंजीकृत कोई भी कानूनी संस्था जो पात्र इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के विनिर्माण में निवेश करने का प्रस्ताव करती है, वह पात्र है। इसमें Private Limited Companies, Public Limited Companies, Sole Proprietorships, Partnerships और Limited Liability Partnerships शामिल हैं।
किस प्रकार के निवेश को पात्र पूंजीगत व्यय माना जाता है?
पात्र पूंजीगत व्यय में प्लांट, मशीनरी, उपकरण, संबंधित उपयोगिताएँ, R&D व्यय (IPR/प्रौद्योगिकी सहित), और Transfer of Technology लागतें शामिल हैं।
क्या कोई न्यूनतम निवेश आवश्यकताएँ हैं?
हाँ, योजना पात्र वस्तुओं की विभिन्न श्रेणियों के लिए न्यूनतम निवेश सीमाएं निर्धारित करती है, जो ₹5 करोड़ से ₹10,000 करोड़ तक हैं, जिन पर 25% प्रतिपूर्ति लागू होती है।
क्या आवेदनों के लिए कोई समय सीमा है?
नहीं, SPECS योजना के तहत आवेदनों का मूल्यांकन चल रहे, रोलिंग आधार पर किया जाता है।
स्रोत
इस पेज की जानकारी आधिकारिक प्रोग्राम और प्रदाता स्रोतों से ली गई है।
समाचार
- Govt approves Semiconductor Mission 2.0 to strengthen manufacturing & self-reliance: MeitYnewsonair.gov.in · 2 months ago
Source: Google News aggregated










