UP स्टार्टअप निर्वाह भत्ता
Government of Uttar Pradesh द्वारा
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त्वरित उत्तर
उत्तर प्रदेश के प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप को प्रोटोटाइप चरण तक पहुँचने तक, अधिकतम दो वर्षों के लिए INR 20,000 का मासिक निर्वाह भत्ता।
- फंडिंग राशि
- ₹4.8 लाख तक
- फंडिंग प्रकार
- अनुदान
- प्रदाता
- Government of Uttar Pradesh
- आवेदन की अंतिम तिथि
- निरंतर
- स्थान
- Uttar Pradesh
इस ग्रांट के बारे में
निर्वाह भत्ता Uttar Pradesh Startup Policy के तहत एक प्रमुख पहल है, जिसे राज्य के प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता देने के लिए बनाया गया है। यह कार्यक्रम उत्पाद विकास के महत्वपूर्ण चरण में, विशेष रूप से प्रोटोटाइप चरण तक, लगातार वित्तपोषण देकर उद्यमी पारिस्थितिक तंत्र को मज़बूत करना चाहता है। स्थिर मासिक आय सुनिश्चित करके, यह भत्ता संस्थापकों को तत्काल वित्तीय दबाव के बिना नवाचार और तकनीकी विकास पर ध्यान देने में सक्षम बनाता है, जिससे उनके विचारों को सफलतापूर्वक बाज़ार तक लाने की संभावना बढ़ती है। यह उत्तर प्रदेश सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें जीवंत स्टार्टअप संस्कृति को पोषित किया जाए और स्थानीय नवप्रवर्तकों को उनके प्रारंभिक विकास में सहारा मिले।
पात्रता
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पूरी पात्रता शर्तें — संस्था प्रकार, स्टेज, क्षेत्र, फाउंडर प्रोफ़ाइल और पंजीकरण आवश्यकताएं — साथ ही इस प्रोग्राम के लिए आपकी फ़िट। देखने के लिए साइन अप करें।
अनुदान प्रदाता
The Government of Uttar Pradesh supports startups and businesses through a set of state policies, each run by a different department. This page covers the startup policy, which gives grants, reimbursements and free incubation to early startups, and the MSME, IT, food processing,…
Learn moreलाभ और फंडिंग
- राशि
- ₹4.8 लाख तक
- मासिक वजीफा
- ₹20,000/माह
- फंड प्रकार
- अनुदान
- इक्विटी
- इक्विटी-मुक्त
- चुकौती
- गैर-चुकौती
आपको क्या मिलेगा
Eligible startups will receive a monthly sustenance allowance of ₹20,000 for a period of up to two years, payable on a quarterly basis. This crucial non-dilutive financial support is intended to cover operational costs and personal expenses, allowing founders to dedicate themselves fully to product development and innovation. The allowance helps in maintaining financial stability during the challenging pre-revenue phase, fostering an environment where startups can concentrate on achieving their prototype milestones effectively.
- वितरण
- Monthly Stipend
- अवधि
- 24 महीने
- बूटस्ट्रैप अनुकूल
- हाँ
समयसीमा और प्रक्रिया
आवेदन
रोलिंग आधार पर
चयन प्रक्रिया
निर्वाह भत्ते के आवेदनों का मूल्यांकन Uttar Pradesh Startup Policy के तहत नामित एक समिति द्वारा कठोर जाँच से होगा। चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से स्टार्टअप की नवाचार क्षमता, उसके व्यवसाय मॉडल की स्पष्टता, प्रोटोटाइप चरण की ओर उसकी प्रगति और राज्य के पारिस्थितिक तंत्र पर उसके प्रभाव का आकलन करेगी। शॉर्टलिस्ट किए गए स्टार्टअप को अंतिम स्वीकृति से पहले अपने उत्पाद विकास की रूपरेखा और वित्तीय आवश्यकताओं को समझाने के लिए बातचीत या प्रस्तुति के लिए बुलाया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया
- 1
Register under Policy
Startups must register under the Uttar Pradesh Startup Policy through the designated online portal.
आप - 2
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- 4
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आवेदन कैसे करें
ड्राफ़्ट से वितरण तक चार चरण — हर चरण में एक कार्रवाई।
- 1
अपना आवेदन ड्राफ़्ट करें
ग्रांट ट्रैकर के अंदर फ़ॉर्म भरें — AI आपके पिछले उत्तरों का उपयोग करके हर उत्तर का ड्राफ़्ट बनाता है, ताकि आपको खाली पन्ने से शुरुआत न करनी पड़े।
- 2
शुरू करने से पहले प्रश्न देखें
इस कार्यक्रम के आवेदन फ़ॉर्म में पूछे जाने वाले सभी प्रश्न डाउनलोड करें, ताकि पोर्टल खोलने से पहले आप अपने उत्तर ऑफ़लाइन तैयार कर सकें।
- 3
अपने दस्तावेज़ तैयार करें
चेकलिस्ट के हर दस्तावेज़ को एक ही फ़ोल्डर में तैयार रखें। दस्तावेज़ों की कमी आवेदन खारिज होने का सबसे बड़ा कारण है।
- 4
आधिकारिक पोर्टल पर जमा करें
आधिकारिक आवेदन लिंक का उपयोग करें और अंतिम रूप से जमा करने से पहले सभी विवरण सत्यापित करें।
- 5
फ़ॉलो अप करें
जमा करने के 5–7 दिन बाद प्राप्ति की पुष्टि और समीक्षा समयरेखा के बारे में पूछने के लिए संपर्क करें।
Program templates & documents
Files the program publishes for applicants — download these and apply in the prescribed format.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निर्वाह भत्ते का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
इसका प्राथमिक उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप को वित्तीय सहायता देना है, ताकि वे तत्काल वित्तीय बाधाओं के बिना अपने प्रोटोटाइप के विकास पर ध्यान दे सकें।
स्टार्टअप को कितना भत्ता मिलेगा?
एक पात्र स्टार्टअप को प्रति माह INR 20,000 मिलेंगे।
निर्वाह भत्ता कितने समय तक दिया जाता है?
भत्ता दो वर्ष की अवधि के लिए दिया जाता है।
भत्ते के भुगतान की आवृत्ति क्या है?
भत्ता त्रैमासिक आधार पर देय है।
क्या इस भत्ते का दावा करने के लिए किसी विशेष चरण की आवश्यकता है?
हाँ, भत्ता प्रोटोटाइप चरण तक पहुँचने तक स्टार्टअप को दिया जाता है।
क्या यह भत्ता वापस चुकाना होता है?
नहीं, निर्वाह भत्ता एक गैर-पुनर्भुगतान योग्य अनुदान है।
स्रोत
इस पेज की जानकारी आधिकारिक प्रोग्राम और प्रदाता स्रोतों से ली गई है।








