Since 2015, DBS Foundation has provided about SGD 26 million in grant funding to over 180 social enterprises and SMEs to scale their business models and deepen their impact. From 2024, the flagship DBS Foundation Grant focuses on scaling innovative social enterprises (SEs) and…
एक मुफ़्त खाता बनाएं और हम आपको बताएंगे कि आपका स्टार्टअप इस ग्रांट के लिए योग्य है या नहीं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
इस साल इवैल्यूएशन के लिए पात्र बनें। आवेदन 13 जुलाई 2026 से पहले जमा करें। समय है 2359 बजे सिंगापुर समय। यानी 2129 बजे भारतीय समय।
मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा ग्रांट आवेदन मिल गया है?
सफल आवेदन पर ऑटो रसीद ईमेल से मिलती है। आप कन्फर्मेशन पेज पर पहुंच जाते हैं।
क्या आवेदन फॉर्म में अपने जवाब सेव करने का कोई तरीका है? ताकि बाद में लौटकर पूरा कर सकूं?
नहीं, उसमें सेव बटन नहीं है। फॉर्म टेम्पलेट डाउनलोड करें। जवाब ऑफलाइन तैयार करें। फिर ऑनलाइन फॉर्म में कॉपी करें।
क्या मैं अपना आवेदन ईमेल से भेज सकता हूं?
नहीं। सभी आवेदन सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म से होंगे। दूसरे तरीकों से आवेदन नहीं माने जाते।
मेरे आवेदन में कुछ गलतियां हैं। क्या मैं नया फॉर्म दोबारा भेज सकता हूं?
हर इकाई का सिर्फ एक आवेदन मान्य होता है। अगर कई आवेदन आएं, तो सबसे नया आवेदन देखा जाता है। यह आखिरी तारीख से पहले आना चाहिए।
मेरा आवेदन जमा करने के बाद क्या होता है?
अगर आवेदन शॉर्टलिस्ट होता है, तो ईमेल आता है। दूसरा फॉर्म भरना होता है। उसमें पिच डेक और फाइनेंशियल स्टेटमेंट चाहिए। रिकमेंडेशन लेटर भी चाहिए।
मेरा बिज़नेस कई अलग-अलग इम्पैक्ट सोल्यूशंस पर काम कर रहा है। क्या मैं हर सोल्यूशन के लिए अलग आवेदन भेज सकता हूं?
नहीं। हर बिज़नेस इकाई का एक ही आवेदन चलता है। कई आवेदनों में सबसे नया माना जाता है। वह भी आखिरी तारीख से पहले।
मुझे अपने आवेदन के नतीजे कब पता चलेंगे?
आवेदकों को नतीजे दिसंबर 2026 तक बता दिए जाते हैं। असल तारीखें बाद में बताई जाती हैं।
क्या डीबीएस फाउंडेशन उन कंपनियों में इक्विटी हिस्सेदारी लेगा, जिन्हें अनुदान मिलता है?
नहीं। डीबीएस फाउंडेशन इक्विटी नहीं लेता। यह अनुदान इक्विटी-फ्री है।
क्या मैं अनुदान का इस्तेमाल एक्सपैंशन प्लान, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केटिंग खर्च या दूसरे देशों में हायरिंग के लिए कर सकता हूं?
हां, अनुदान का इस्तेमाल लचीला है। इससे बिज़नेस की ग्रोथ स्केल होनी चाहिए। सामाजिक असर भी बढ़ना चाहिए। नए मार्केट, आरएंडडी, प्रोडक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
अगर मेरा बिज़नेस सामाजिक या पर्यावरणीय असर बना रहा है, तो क्या मैं आवेदन कर सकता हूं?
डीबीएस सिर्फ उन आवेदन देखता है। वे सोशल एंटरप्राइज या एसएमई होने चाहिए। उनका फोकस सामाजिक असर पर होना चाहिए। यह दो फोकस क्षेत्रों से मेल खाना चाहिए। सिर्फ पर्यावरणीय असर से पात्रता नहीं बनती।
मेरा बिज़नेस नॉट-फॉर-प्रॉफिट संगठन के रूप में रजिस्टर्ड है, क्या मैं आवेदन कर सकता हूं?
नॉट-फॉर-प्रॉफिट संगठन पात्र नहीं हैं। सोल प्रोप्राइटरशिप और चैरिटी भी नहीं। कोऑपरेटिव और धार्मिक संगठन भी नहीं। चुनाव अभियान और स्पॉन्सरशिप भी बाहर हैं।
मेरा बिज़नेस सोशल एंटरप्राइज नहीं है, लेकिन उसके सीएसआर प्रोग्राम हैं। क्या मैं आवेदन कर सकता हूं?
पात्रता उन बिज़नेस के लिए है। असर उनके कोर मॉडल का हिस्सा हो। राजस्व उसी असर से जुड़ा हो। अगर असर डोनेशन से आता है, तो फोकस से मेल नहीं। बिज़नेस स्वतंत्र और कमर्शियल होने चाहिए। राज्य सरकार उनकी मालिक नहीं होनी चाहिए।
अगर मुझे किसी दूसरे संगठन से पहले ही अनुदान मिला है, तो क्या इससे मेरे मौके कम होंगे?
नहीं, दूसरे अनुदान से मौके कम नहीं होते। डीबीएस ग्रांट का मक़सद अलग होना चाहिए। पिछली फंडिंग से अलग होना चाहिए। आपको साफ बताना होगा कि नतीजे कैसे मिलेंगे। पिछली फंडिंग बताना ज़रूरी है।
अगर मैं डीबीएस फाउंडेशन का पिछला ग्रांटी हूं, तो क्या मैं इस प्रोग्राम में आवेदन कर सकता हूं?
हां, पिछले ग्रांटी दोबारा आवेदन कर सकते हैं। उनका पिछला अनुदान खत्म होना चाहिए। हर आवेदन अपनी खूबियों पर परखा जाता है।
क्या मैं अपना बिज़नेस रजिस्टर कराने से पहले एक व्यक्ति के रूप में आवेदन कर सकता हूं?
नहीं। अनुदान सिर्फ फॉर-प्रॉफिट बिज़नेस को मिलता है। उन्हें पांच पात्र बाजारों में रजिस्टर्ड होना चाहिए। हॉन्ग कॉन्ग, इंडिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, ताइवान। व्यक्ति या रजिस्ट्रेशन से पहले की इकाइयां आवेदन नहीं कर सकतीं।
मेरा बिज़नेस फिलहाल इंडिया में है, लेकिन मुझे विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत मंज़ूरी नहीं मिली है। क्या मैं फिर भी आवेदन कर सकता हूं?
इंडियन बिज़नेस को एफसीआरए अप्रूवल चाहिए। या फिर खास शर्तें पूरी करनी होंगी। पहली शर्त: प्रॉफिट सिर्फ सेल्स से हो। दूसरी: कोई सीईईआरएस प्रोग्राम न हो। तीसरी: अनुदान दूसरी एफसीआरए इकाई को न दिया जाए। जो शर्तें पूरी न करें, उन्हें अनुदान नहीं मिलेगा।
त्वरित उत्तर
डीबीएस फाउंडेशन 250,000 सिंगापुर डॉलर तक का अनुदान देता है। यह लगभग ₹1.54 करोड़ है। यह इनोवेटिव सोशल एंटरप्राइजेज और एसएमई के लिए है। इनका फोकस ज़रूरी ज़रूरतों पर होता है। फाइनेंशियल इन्क्लूज़न भी फोकस में है। ये एशिया भर में काम करती हैं। इसमें इंडिया भी शामिल है।
Applications for this round closed on 13 July 2026. The organiser has not published a selection list that we can verify yet.
Selections for this programme are announced by DBS Foundation. Official links are listed under Sources below.
We update this page when results are published, and when the next round opens.
इस ग्रांट के बारे में
डीबीएस फाउंडेशन ग्रांट एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है। यह इनोवेटिव सोशल एंटरप्राइजेज (एसई) को स्केल करने के लिए है। यह छोटी और मझोली कंपनियों (एसएमई) के लिए भी है। ये कंपनियां एशिया भर में काम करती हैं। ये कमज़ोर समुदायों के लिए स्थायी बदलाव लाती हैं। ये एक समावेशी दुनिया बनाती हैं। 2015 से डीबीएस फाउंडेशन ने करीब 26 मिलियन सिंगापुर डॉलर की फंडिंग दी है। इससे 180 से ज़्यादा बिज़नेस को मदद मिली है। उन्होंने अपने मॉडल बढ़ाए हैं। समाज पर उनका असर गहरा हुआ है। यह प्रोग्राम ज़रूरतमंदों की ज़िंदगी सुधारने वाले बिज़नेस खोजता है। यह उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से मज़बूत बनाता है। बढ़ती उम्र को देखते हुए डीबीएस फाउंडेशन कुछ सोल्यूशंस सपोर्ट करता है। इनसे हर उम्र के लोग गरिमा से बूढ़े हो सकते हैं। साथ में मक़सद और खुशी भी मिलती है। यह अनुदान दो अहम क्षेत्रों पर फोकस करता है।
1. बुनियादी ज़रूरतें मुहैया कराना: इसमें वे बिज़नेस शामिल हैं। ये बुनियादी सेवाएं देते हैं। जैसे खाना, पोषण और बुनियादी शिक्षा। हेल्थकेयर और मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी शामिल है। ऐसे सोल्यूशंस को बढ़ावा मिलता है। ये लोगों को रोज़ के स्ट्रेस से निपटने के टूल देते हैं। ये आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं। ये समुदाय के रिश्ते मज़बूत करते हैं।
2. फाइनेंशियल इन्क्लूज़न को बढ़ावा देना: इस क्षेत्र में वे बिज़नेस शामिल हैं। ये फाइनेंशियल और डिजिटल साक्षरता बढ़ाते हैं। ये स्किल और टूल देते हैं। ये अपस्किलिंग के मौके भी बेहतर करते हैं। इससे रोज़गार के अवसर बढ़ते हैं। प्रोग्राम इन बिज़नेस की ग्रोथ तेज़ करना चाहता है। इससे वे समाज पर असर बड़े पैमाने पर बढ़ा सकते हैं। अनुदान की राशि कई कामों में लग सकती है। जैसे नए मार्केट में जाना। नए प्रोडक्ट के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट। मौजूदा प्रोडक्ट या सर्विस को बेहतर बनाना। स्केलेबल ग्रोथ के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना।
पात्रता
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पूरी पात्रता शर्तें — इकाई का प्रकार, चरण, क्षेत्र, संस्थापक प्रोफ़ाइल और पंजीकरण आवश्यकताएँ — और इस कार्यक्रम के लिए आपकी उपयुक्तता। देखने के लिए मुफ़्त खाता बनाएं।
समयसीमा और प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया
अनुदान इवैल्यूएशन कई चरणों में होता है। डीबीएस बैंक के कर्मचारी इसमें हिस्सा लेते हैं। वे आवेदनों की स्क्रीनिंग करते हैं। वे स्कोरिंग गाइड का इस्तेमाल करते हैं। यह गाइड डीबीएस फाउंडेशन देता है। इसमें कई बातें देखी जाती हैं। बिज़नेस का इनोवेशन देखा जाता है। इम्पैक्ट मॉडल भी देखा जाता है। स्केलेबिलिटी और फाइनेंशियल स्थिरता देखी जाती है। दो साल का सामाजिक असर देखा जाता है। लीडरशिप टीम की ताकत देखी जाती है। सिर्फ शॉर्टलिस्ट आवेदन आगे जाते हैं। फाइनलिस्ट जजों के सामने पिच करते हैं। पैनल में अनुभवी लोग होते हैं। वे पिच और सवाल-जवाब देखते हैं। आखिर में वे ग्रांटी की सिफारिश करते हैं। सारी सामग्री गोपनीय रखी जाती है। इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का कोई खास प्रावधान नहीं है। पैनल का फैसला आखिरी होता है।
लाभ और फंडिंग
राशि
₹1.55 Cr तक
फंड प्रकार
अनुदान
इक्विटी
इक्विटी-मुक्त
चुकौती
गैर-चुकौती
आपको क्या मिलेगा
डीबीएस फाउंडेशन ग्रांट बड़ी इक्विटी-फ्री फंडिंग देता है। यह 250,000 सिंगापुर डॉलर तक है। यह करीब ₹1.54 करोड़ है। इससे पात्र बिज़नेस की ग्रोथ बढ़ती है। सामाजिक असर भी बढ़ता है। फाइनेंशियल सपोर्ट के अलावा और फायदे हैं। ग्रांटी को मेंटरशिप मिलती है। यह इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से मिलती है। डीबीएस कर्मचारी भी मेंटर होते हैं। नेटवर्किंग के मौके मिलते हैं। फंडर्स और पार्टनर्स से मुलाकात होती है। एशिया भर में ये मौके मिलते हैं। कैपेसिटी-बिल्डिंग प्रोग्राम भी होते हैं। इस सपोर्ट से स्ट्रेटेजी बेहतर होती है। नए मार्केट मिलते हैं। प्रोडक्ट ऑफरिंग बेहतर होती है। ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है। समाज पर सकारात्मक बदलाव गहरा होता है।