Bio AI पर DBT-BIRAC जॉइंट कॉल फॉर प्रपोज़ल्स का मक़सद इंडिया की BioE3 (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) पॉलिसी के तहत हाई-परफॉर्मेंस बायोमैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बायोटेक्नोलॉजी के साथ इंटीग्रेट करना है। Bio-AI को डेटा-ड्रिवन, प्रोग्रामेटिक रिसर्च के लिए एक क्रिटिकल इनेबलर के तौर पर पोज़िशन्ड किया गया है — जिससे Health, Agriculture, और Environment में सिग्निफिकेंट इम्पैक्ट वाले नॉवेल रिसर्च लीड्स डिलिवर होने की अपेक्षा है। यह इनिशिएटिव Bio-AI Hubs को इंटरडिसिप्लिनरी, इंटरइंस्टीट्यूशनल कोलैबोरेशन्स के तौर पर एस्टैब्लिश करना चाहता है — जो AI/ML में एस्टैब्लिश्ड एक्सपर्टीज़ वाले ऑर्गनाइज़ेशन्स द्वारा ऐंकर्ड हों, और रोबस्ट कम्प्यूटेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर से सपोर्टेड हों। ये हब्स पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में शेयर्ड DBTL (Design-Build-Test-Learn) फैसिलिटीज़ के तौर पर ऑपरेट करते हैं — जिसमें स्टार्टअप्स और SMEs स्पोक्स के तौर पर पार्टिसिपेट करते हैं और हर हब के रिसर्च व इनोवेशन इकोसिस्टम में योगदान देते हैं।
Bio-AI Hubs AI-गाइडेड क्लोज़्ड-लूप प्लैटफॉर्म्स डेवलप करेंगे — जो प्रिडिक्शन्स, एक्सपेरिमेंट्स, और ऐनालिसिस को एक कंटिन्युअस पॉज़िटिव फीडबैक लूप में इंटीग्रेट करते हैं — साइंटिफिक डिस्कवरीज़ को ऐक्सेलरेट करने, बायोप्रोसेसेज़ को ऑप्टिमाइज़ करने, और स्केल पर डिसीज़न-मेकिंग को इम्प्रूव करने के लिए। कॉल पाँच थीमैटिक कैटेगरीज़ कवर करता है: Biomolecular Design — नॉवेल प्रोटीन्स, एंज़ाइम्स, बायो-नैनोमशीन्स, और नेक्स्ट-जेनरेशन ऐंटीबॉडीज़ कवर करते हुए; Sustainable Agriculture — ड्रॉट-रेज़िस्टेंट क्रॉप्स, AI-पावर्ड डिज़ीज़ सेंसिंग, और डेयरी जीनोमिक्स; Synthetic Biology — मेटाबॉलिक पाथवे ऑप्टिमाइज़ेशन, स्ट्रेन इंजीनियरिंग, और एनवायरनमेंटल बायोसेंसर्स; Ayurveda — AI-ड्रिवन फार्माकोजीनोमिक्स, हर्ब-ड्रग इंटरैक्शन ऐनालिसिस, और प्लांट-बेस्ड ड्रग डिस्कवरी; और Genome Diagnostics — डायबिटीज़ व कार्डियोवैस्कुलर डिज़ीज़ेज़ के लिए AI रिस्क प्रिडिक्शन, कैंसर बायोमार्कर्स, सिंगल-सेल जीनोमिक्स, और न्यूरोडीजेनेरेटिव डिसऑर्डर स्ट्रैटिफिकेशन। प्रपोज़ल्स रोलिंग बेसिस पर इवैल्यूएट किए जाते हैं। सिलेक्टेड ऑर्गनाइज़ेशन्स को state-of-art बायोमैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज़ और ब्रॉडर DBT-BIRAC नेटवर्क तक ऐक्सेस मिलता है — जो इंडिया भर में लीडिंग इंस्टीट्यूशन्स और इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ हाई-इम्पैक्ट कोलैबोरेशन को इनेबल करता है।