सैंस का 'फाइंड एविल!' हैकाथॉन एक ग्लोबल ऑनलाइन प्रतियोगिता है। यह प्रतिभागियों को अपने साइबरसिक्योरिटी और एनालिटिकल स्किल्स का इस्तेमाल करने की चुनौती देता है। इसका मकसद छिपे हुए खतरों और कमज़ोरियों को खोजना है। सैंस साइबरसिक्योरिटी ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन का लीडिंग प्रोवाइडर है। यह हैकाथॉन थ्रेट डिटेक्शन और इंसिडेंट रिस्पॉन्स में इनोवेशन को बढ़ावा देता है। इसमें मशीन लर्निंग और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होता है।
कौन अप्लाई कर सकता है
यह हैकाथॉन स्टूडेंट्स, साइबरसिक्योरिटी प्रोफेशनल्स, डेवलपर्स और डेटा साइंटिस्ट्स सहित कई तरह के प्रतिभागियों के लिए खुला है। 'बिगिनर फ्रेंडली' टैग के साथ, यह एक्सपर्ट्स और नए लोगों दोनों को सहयोग और सीखने के लिए प्रोत्साहित करता है। कोई निश्चित टीम साइज़ नहीं है। व्यक्तिगत रूप से या छोटे ग्रुप में भाग ले सकते हैं।
ट्रैक्स और थीम्स
मुख्य थीम्स साइबरसिक्योरिटी पर आधारित हैं। इसमें डिजिटल एनवायरनमेंट में 'एविल' की पहचान और रोकथाम के लिए मशीन लर्निंग और एआई का इस्तेमाल है। प्रतिभागियों को थ्रेट इंटेलिजेंस, एनॉमली डिटेक्शन, मैलवेयर एनालिसिस और डिफेंसिव स्ट्रेटेजीज के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
फॉर्मेट और टाइमलाइन
'फाइंड एविल!' एक पूरी तरह से ऑनलाइन हैकाथॉन है। यह 15 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक चलेगा। प्रतिभागी इस दौरान अपने सॉल्यूशंस रिमोटली डेवलप और सबमिट कर सकते हैं। प्रतियोगिता का समापन जजिंग और विजेताओं की घोषणा के साथ होता है।
पुरस्कार
शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमों के लिए $22,000 (लगभग ₹19,80,000) का कैश प्राइज़ पूल है। पुरस्कार वितरण की विस्तृत जानकारी आयोजकों द्वारा बाद में दी जाएगी।
पात्रता
यह एक ग्लोबल ऑनलाइन प्रतियोगिता है। यह इंडिया सहित किसी भी देश के प्रतिभागियों के लिए खुला है। कोई विशेष आयु या प्रोफेशनल स्टेज की बाध्यता नहीं है। यह साइबरसिक्योरिटी में रुचि रखने वालों के लिए सुलभ है।
कैसे अप्लाई करें
रजिस्ट्रेशन 15 जून 2026 तक खुला है। इच्छुक व्यक्ति और टीमें आधिकारिक डेवपोस्ट पेज के ज़रिए रजिस्टर और अपने प्रोजेक्ट्स सबमिट कर सकते हैं।