Greenovation Renewable Energy for Livelihood Challenge एक स्ट्रक्चर्ड ग्रांट प्रोग्राम है। यह स्टार्टअप इंडिया और DPIIT के सपोर्ट से चलता है। मक़सद क्लीन एनर्जी इनोवेशन्स की पहचान, फंडिंग और स्केलिंग है। ये इनोवेशन्स इंडिया के रूरल और पेरी-अर्बन कम्युनिटीज़ की लाइवलीहुड्स इम्प्रूव करते हैं। प्रोग्राम Greenovation Hub और EarthON Foundation चलाते हैं। चैलेंज हर साल 10 कंपनीज़ को ₹20 लाख तक का नॉन-डाइल्यूटिव कैटलिटिक फंडिंग देता है। कोई इक्विटी नहीं ली जाती।
प्रोग्राम छह ब्रॉड प्रॉब्लम एरियाज़ में डीसेंट्रलाइज़्ड रिन्यूएबल एनर्जी (DRE) सॉल्यूशन्स पर फोकस करता है। इसमें कोल्ड चेन और फूड प्रिज़र्वेशन शामिल है। सोलर-पावर्ड इरिगेशन और वॉटर ऐक्सेस भी कवर होता है। प्रोडक्टिव यूज़ और रूरल लाइवलीहुड्स पर भी फोकस है। ऑपरेशन्स और सर्विस इकोसिस्टम्स के सॉल्यूशन्स भी शामिल हैं। वुमन-लेड DRE एंटरप्राइज़ेज़ और डेटा-फाइनेंस प्लैटफ़ॉर्म्स भी कवर होते हैं। स्पेसिफिक यूज़ केसेस में सोलर कोल्ड रूम्स और सोलर-पावर्ड फिश और फूड प्रिज़र्वेशन शामिल हैं। कम्युनिटी वॉटर प्यूरिफिकेशन और DRE-पावर्ड लाइवलीहुड इक्विपमेंट भी कवर होते हैं। पे-पर-यूज़ एनर्जी सर्विसेज़ और प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस टूल्स भी शामिल हैं। परफ़ॉर्मेंस मॉनिटरिंग और पेमेंट्स के डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म्स भी कवर होते हैं।
ग्रांट के अलावा सिलेक्टेड स्टार्टअप्स 3-डे रेज़िडेंशियल बूटकैंप में शामिल होते हैं। इसमें टेक्निकल, ऑपरेशनल और स्ट्रैटेजिक स्किल्स कवर होती हैं। हाई-पोटेंशियल पार्टिसिपेंट्स को EarthON Gurukul में इन्वाइट किया जा सकता है। यह एक स्ट्रक्चर्ड इन्क्यूबेशन प्रोग्राम है। इसमें मेंटरशिप, ग्रोथ सपोर्ट और EarthON Fund के ज़रिए पोटेंशियल इक्विटी या डेट इन्वेस्टमेंट मिलता है। इससे ग्रांट से फॉलो-ऑन इन्वेस्टमेंट तक का कैपिटल कंटिन्यूम बनता है। यह ट्रैक्शन दिखाने वाले स्टार्टअप्स के लिए है।
प्रोग्राम पार्टिसिपेंट्स को पॉलिसीमेकर्स, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री लीडर्स से डायरेक्ट विज़िबिलिटी देता है। ये कनेक्शन्स क्लीन एनर्जी, रूरल लाइवलीहुड्स और क्लाइमेट इकोसिस्टम में होते हैं। यह उन फाउंडर्स के लिए मीनिंगफुल ऐडवांटेज है, जिनके स्पेस में पॉलिसी कॉन्टेक्स्ट और इन्वेस्टर फ़ैमिलियेरिटी ज़रूरी है। स्टार्टअप इंडिया और DPIIT बैकिंग से प्रोग्राम को क्रेडिबिलिटी और इंस्टीट्यूशनल लिंकेज मिलती है। यह गवर्नमेंट प्रोक्योरमेंट और पार्टनरशिप ऑपर्च्यूनिटीज़ नैविगेट करने में मदद करती है।
इंडिया का DRE सेक्टर सिग्निफिकेंट इन्फ्लेक्शन पॉइंट पर है। इस तरह के प्रोग्राम कम हैं जो स्पेसिफिकली प्रोडक्टिव यूज़ सेगमेंट को फंड करते हैं। सिर्फ़ जेनरेशन से आगे जाकर ये रेलेवेंट ऑपर्च्यूनिटी हैं। यह स्मॉलहोल्डर फार्मर्स, फिशर कम्युनिटीज़ और रूरल वुमन एंत्रप्रेन्योर्स के लिए बिल्ड करने वाले फाउंडर्स के लिए है।